यह विधेयक गरीब मुसलमानों को उनका हक दिलाने के लिए लाया गया है।

लोकसभा में 12 घंटे की बहस के बाद विधेयक पारित
नई दिल्ली: लोकसभा ने बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित कर दिया। इस विधेयक के पक्ष में 288 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 232 सांसदों ने विरोध में वोट डाले। विपक्षी दलों ने विधेयक में 100 से अधिक संशोधन प्रस्तावित किए, लेकिन सभी संशोधन मतदान में गिर गए।
सरकार का दावा है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग पर रोक लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लाया गया है, जबकि विपक्ष इसे एक विशेष समुदाय के अधिकारों के हनन के रूप में देख रहा है।
अमित शाह का जवाब: विपक्ष पर बड़ा हमला
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयक का पुरजोर बचाव करते हुए विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने और गरीब मुसलमानों को उनका हक दिलाने के लिए लाया गया है।
📌 शाह का बड़ा बयान:
“वक्फ संपत्तियों का पैसा गरीबों के लिए है, न कि धन्ना सेठों के लिए। वक्फ बोर्ड का पैसा चोरी करने वालों को पकड़ने के लिए सरकार यह विधेयक लाई है।”
📌 विपक्ष पर हमला:
“वे (विपक्ष) कहते हैं कि वक्फ संपत्तियों का हिसाब न किया जाए, लेकिन यह पैसा किसका है? गरीबों का या नेताओं का?”
📌 लालू यादव का पुराना बयान याद दिलाया:
अमित शाह ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि 2013 में लालू यादव ने खुद वक्फ संपत्तियों की लूट पर चिंता जताई थी, लेकिन तब कांग्रेस और विपक्षी दलों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
“लालू यादव ने कहा था कि वक्फ बोर्ड ने सारी प्राइम जमीन बेच दी है, पटना में डाक बंगला रोड की जमीन पर अपार्टमेंट बना दिए गए हैं। आज नरेंद्र मोदी सरकार वही कर रही है, जिसकी मांग कभी लालू यादव ने की थी।”
📌 वीडियो देखें: अमित शाह का लोकसभा में बयान
विपक्ष का तर्क: यह विधेयक मुसलमानों के खिलाफ है?
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार की नजर एक विशेष समुदाय की जमीनों पर है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून से मुकदमेबाजी बढ़ेगी और विरोध के स्वर उभरेंगे।
📌 अखिलेश यादव (सपा) का बयान:
“यह भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति का एक नया रूप है। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए वक्फ (संशोधन) विधेयक लाई है।”
राज्यसभा में नंबर गेम: क्या विधेयक पास होगा?
📌 विधेयक को राज्यसभा में पारित करने के लिए 119 वोटों की जरूरत है।
📌 एनडीए के पास 125 सांसदों का समर्थन है, जबकि विपक्ष के पास 95 वोट हैं।
📌 16 सांसदों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
समर्थन करने वाले दल (NDA – 125 सीटें)
✅ बीजेपी – 98
✅ जेडीयू – 4
✅ एनसीपी – 3
✅ टीडीपी – 2
✅ शिवसेना – 1
✅ अन्य – 17
विरोध करने वाले दल (INDIA गठबंधन – 95 सीटें)
❌ कांग्रेस – 27
❌ टीएमसी – 13
❌ डीएमके – 10
❌ आप – 10
❌ अन्य – 35
निष्कर्ष: आगे क्या होगा?
📌 अगर राज्यसभा में यह विधेयक पास हो गया, तो यह कानून बन जाएगा।
📌 सरकार का दावा है कि यह मुसलमानों के हित में है, जबकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यकों के खिलाफ बता रहा है।
📌 अगले कुछ दिनों में राज्यसभा में बड़ा सियासी घमासान देखने को मिलेगा।
📌 नवीनतम अपडेट के लिए यहां क्लिक करें
photo by hindustan times






