“जो लोग परछाई में बैठकर साजिश रचते हैं, वे भी बख्शे नहीं जाएंगे। यह नया भारत है – हम पलटवार करते हैं।”
मधुबनी, बिहार | 24 अप्रैल 2025 – दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बिहार के मधुबनी में आयोजित एक जनसभा में राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंक के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकल्प लिया। इस हमले में 28 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने भावुक और आक्रामक अंदाज़ में कहा,
“मैं आज बिहार की धरती से पूरी दुनिया को कहना चाहता हूं – भारत हर आतंकवादी और उनके समर्थकों की पहचान करेगा, उनका पीछा करेगा और उन्हें दंडित करेगा। हम धरती के अंतिम कोने तक उनका पीछा करेंगे।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत की भावना को आतंकवाद कभी तोड़ नहीं सकता।
“आतंकवाद को बख्शा नहीं जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा कि न्याय हो। सज़ा इतनी कठोर और निर्णायक होगी, जिसकी इन आतंकियों ने कल्पना भी नहीं की होगी।”
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की एकता पर बल देते हुए कहा,
“इस संकल्प में पूरा देश एक है। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़ देगी। मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति आज भारत के साथ है।”
मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि न केवल आतंकी, बल्कि उनके साजिशकर्ता और समर्थक भी भारत के न्याय से बच नहीं पाएंगे।
“जो लोग परछाई में बैठकर साजिश रचते हैं, वे भी बख्शे नहीं जाएंगे। यह नया भारत है – हम पलटवार करते हैं।”

उन्होंने पहलगाम हमले को ‘राष्ट्र के दिल पर घाव’ करार देते हुए पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ गहरा शोक व्यक्त किया:
“कुछ ने अपना बेटा खोया, कुछ ने भाई, कुछ ने जीवन साथी… यह दुख केवल उनका नहीं, पूरे भारत का है।”
सभा के आरंभ में प्रधानमंत्री मोदी सहित उपस्थित नेताओं ने हमले में मारे गए निर्दोषों को श्रद्धांजलि देने के लिए मौन भी रखा।
यह हमला पुलवामा (2019) के बाद कश्मीर घाटी में सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। इसके बाद पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया निगरानी को कड़ा कर दिया गया है, और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत आतंक के खिलाफ निर्णायक कदमों की ओर बढ़ रहा है।





